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SHEKHAWATI TODAY

1 मार्च से 16 मार्च 2019 तक के समाचार

रामगढ़ शेखावाटी

 


प्रेम पर पाबंदियों ने 20 वर्षीय युवक को बनाया हत्यारा
खोटिया के लापता बालक का गटर की कुई में मिला शव
पडौसी युवक ने हत्या कर डाली लाश, मृतक की बहन से करता था प्रेम
कार्यभार ग्रहण करते ही थानेदार हिम्मत सिंह ने सुलझाया मामला
उपअधीक्षक कुशाल सिंह ने किया टीम का नेतृत्व


Bhupendra-SinghDead-Pawan-Singhरामगढ़ शेखावाटी, 8 मार्च। पिछले एक माह से पुलिस के लिये सरदर्द एवं चुनौती बने खोटिया ग्राम के बारह वर्षीय युवक पवन सिेह के लापता होने के मामले को थानाधिकारी हिम्मत सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही अपने वृत्ताधिकारी कुशाल सिंह के नेतृत्व में मामले को सुलझाकर न केवल पुलिस की नाक बचाई अपितु एक बड़ी कामयाबी का सेहरा भी पुलिस टीम के सर पर बांध दिया। बालक को उसी के गांव के बीस वर्षीय युवक भूपेंद्र सिंह ने 6 फरवरी को गला दबा कर बेरहमी से मार डाला था और उसकी लाश को अपने एक नाबालिग साथी के सहयोग से पडौस के ही एक घर के सामने बनी गटर की कुई में डाल दिया था। गुरुवार को पुलिस टीम की सूझबूझ से उसने सारा सच उगल दिया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लाश बरामद कर उसका पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
क्या था मामला
ग्राम खोटिया के राजपूत परिवार का एक बारह वर्षीय बालक पवन सिंह 6 फरवरी को रात में गांव में ही ऐ शादी मे जाने की कह कर घर से निकला था, उसके बाद वह घर नहीं लौटा। बच्चे के मामा ने  दूसरे दिन उसके लापता हाने की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने संदेहास्पद युवकों से कड़ी पूछताछ की लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी
गांव वालों ने किया था प्रदर्शन व धरना
पुलिस द्वारा बालक का कोई सुराग न लगाये जाने पर 11 फरवरी को खेटिया ग्राम सहित निकटवर्ती ग्रामों के ग्रामीणों ने थाने के समक्ष प्रदर्शन एवं नारेबाजी कर धरना दिया था। बाद में तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक गोरधन लाल के आश्वसन पर ग्रामवासी धरने से उठे। उन्होंने पांच दिन में बालक का सुराग न लगाने की स्थिति में रामगढ़ व फतेहपुर कस्बों को बंद रखने सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। बाद में ग्रामवासियों ने पुलिस अधीक्षक सहित महकमे के आला अफसरों से भी बालक का शीघ्र सुराग लगाने की गुहार की थी। तब से लेकर यह माला पुलिस के लिये नाक का सवाल एवं चुनौती बना हुआ था।
आरोपी करता था मृतक की बहन से प्रेम
जानकारी के अनुसार बालक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बीस वर्षीय युवक भूपेंद्र सिंह खोटिया ग्राम का ही रहने वाला है तथा चूरू की लोहिया कॉलेज में प्रथम वर्ष में अध्ययन करता है। उसके पिता फौज से रिटायर होकर फतेहपुर विद्युत विभाग में क्लर्क की नौकरी करते हैं। तीन भार्ईयों में वह सबसे छोटा है बड़ा भाई पहले विदेश कमाता था लेकिन बीमार होने से घर पर ही रहता है। दूसरा भाई मजदूरी करता है। आरोपी का मृतक की बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन दोनों परिवार एक ही जाति गोत्र के होने से समाज वालों ने उस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पाबंदी लगादी। आरोपी ने गांववालों पर दबाव बनाने के लिये अपने कलाई की नस भी काट ली थी। बाद में गांव वालों के दबाव में उसके घर वालों ने उसे ननिहाल कुचामन भेज दिया था जहां से वह घटना के कुछ दिन पहले ही गांव में लौटा था। गांव के ही दूसरे बारह वर्षीय बालक ओमसिंह को पैसों का लालच देकर मृतक की बहन के पास भेजता था। अपने प्रेम पर लगी पाबंदियों ने उसे पागल बना दिया और मृतक बालक के परिवार से बदला लेने के लिये उसने घटना को अंजाम दिया। घटना के दिन उसने बालक ओमसिंह को बीस रूपये लालच देकर पवन सिंह को बाहर बुलाया था लकिन उस समय वह नहीं आया। बाद में रात में पडौस में एक शादी समारोह में जाते समय पवन उसके हाथ लग गया।
नाबालिग की मदद से की हत्या, छुपाया शव
भूपेंद्र सिंह ने 6 फरवरी की रात को एक शादी समारोह में भाग लेने के लिये जाते पवन सिंह की एक पंद्रह वर्षीय नाबालिग की मदद से गला घोंट कर बेरहमी से हत्या कर दी। अपने घर से सीमेंट का प्लास्टिक का कट्टा लाकर लाश उसमें बंद करके पडौस में ही प्रतापसिंह के मकान के आगे बनी गटर की कुई की पट्टी हटा कर लाश उसमें डाल दी और पट्टी वापस ला दी और घर आकर सो गया। पुलिस नाबालिग से भी पूछताछ कर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। 
आरोपी व बालक ओमसिंह से पुलिस पहले भी कर चुकी है पूछताछ
गांव वासियों व उच्चाधिकारियों दबाव के चलते पूर्व थानाधिकारी घासीराम ने आरोपी भूपेंद्र सिंह व बालक ओमसिंह से बार-बार कड़ी पूछताछ की लेकिन कुछ भी उगलवाने में कामयाब नहीं हो पाये। हालांकि पुलिस ज्यादा जोर अपहरण की दिशा में ही दे रही थी। गांव वालों के धरने के दौरान वृत्ताधिकारी गोरधन लाल ने बच्च के सुरक्षित होने का दावा किया था। इसी दौरान फतेहपुर पुलिस उप अधीक्षक गोरधन का तबादला हो गया और उनकी जगह कुशल सिंह आ गये और उन्होंने इस मामले को गम्भीरता से चुनौती के रूप में लिया। लेकिन इसी बीच रामगढ़ थानाधिकारी घासीराम का भी तबादला हो गया। उनके स्थान पर पहले भूपसिंह व दो दिन बाद ही हिम्मत सिंह को यहां लगाया गया।
कार्यभार ग्रहण करते ही सुलझाया मामला
Left-SHO-Himmat-Singh-Right-Dy-SP-Kushal-Singhथानाधिकारी हिम्मत सिंह ने गुरुवार को ही कार्यभार ग्रहण किया था। सीओ कुशाल सिंह ने उन्हें बुला कर मामले के बारे में चर्चा की। हिम्मतसिंह तुरंत जुट गये। उन्हें मृतक के घर वालों के इस बयान से राह मिली कि उनकी आरोपी के अलावा किसी से भी अनबन या रंजिश नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि फिरौती के लिये अपहरण करे। गौर तलब है कि मृतक के पिता जयसिंह का देहांत हो चुका है। मृतक के अलावा दो बहिने हैं। विधवा मां ही परिवार को पालती है। थानाधिकारी की सूझबूझ व सख्ती के सामने आरोपी भूपेंद्र सिंह टूट गया और उसने सब उगल दिया। अपने नाबालिग साथी और लाश के बारे में उसने पूरी जानकारी दे दी। बाद में उसकी निशानदेही एवं नाबालिग सहयोगी की पुष्टि पर पुलिस ने लाश को बरामद कर सब को चौंका दिया।  पूरे दिन भर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।

 

 

 

 

 

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