सीकर
हिस्ट्रीशीटर केसर दुगोली को गोलियों से भूना
सीकर.
हिस्ट्रीशीटर और शराब कारोबार से जुड़े केसरसिंह शेषमा उर्फ केसर दुगोली
(35) की शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे बिना नंबर की बोलेरो में आए तीन
हथियारबंद लोगों ने सांवली चौकी से चंद कदम दूर सरेआम गोली मारकर हत्या कर
दी।पुलिस से बेखौफ हमलावरों ने उस समय वारदात को अंजाम दिया जब केसरसिंह
सांवली स्थित श्रीकल्याण आरोग्य सदन अस्पताल से अपने दो साथियों के साथ एक
मरीज को देखकर अस्पताल गेट से बाहर निकला ही था। केसर को देखकर पहले से घात
लगाए बैठे तीनों हमलावर बोलेरो से बाहर निकले। उन्हें देखकर केसर एक चाय
की दुकान की ओर भागा, जबकि दोनों साथी दूसरी दिशा में भाग खड़े हुए।
हमलावरों ने केसर का पीछा किया और दुकान के भीतर घुस गए। केसर ने दुकान के भीतर बनी पट्टी के पीछे छिपने की कोशिश की तो हमलावरों ने
एक के बाद एक कई फायर किए, जिसमें पांच गोलियां केसरसिंह को लगी। उसने
मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद तीनों हमलावर दुकान से निकलकर
बोलेरो में सवार हुए और बाईपास की ओर फरार हो गए। गोलियों की आवाज से इलाका
गूंज उठा। घटना की जानकारी पाकर एसपी डा. गिर्राज मीणा, एएसपी वीके गौड़, सीओ सिटी
योगेंद्र फौजदार, सीओ ग्रामीण रामप्रकाश शर्मा मौके पर पहुंच गए। मौके पर
भीड़ जमा होते देख पुलिस ने आनन-फानन में शव मोर्चरी भिजवाया। शाम साढ़े
पांच बजे पोस्टमार्टम करा शव परिजनों के सुपुर्द किया। उधर, हत्या के संबंध
में मृतक केसरसिंह पुत्र रामबक्शराम सिंह के चचेरे भाई बजरंगलाल ने सदर
थाने में मामला दर्ज कराया, जिसमें रामचंद्र बुरड़क, उसके भाई ओमप्रकाश,
ओलाराम, बलदेवाराम, प्रहलाद पर शक जताया।
अपराध की लंबी फेहरिस्त: पुलिस ने बताया कि केसर दुगोली के खिलाफ
नेछवा, शहर कोतवाली, सदर, लोसल थाने में 31 मामले दर्ज थे। इसमें दो हत्या,
एक डकैती, एक लूट, चार बलवा एवं जमीन, शराब तस्करी, मारपीट, अपहरण सहित 23
अन्य मामले दर्ज थे। भेभाराम हत्याकांड और जोधाराम मीणा हत्याकांड में
केसर मुख्य आरोपियों में शामिल था।
हिस्ट्रीशीटर केसर को मारने को यूपी से लाए थे हथियार
सीकर. केसर दुगोली की हत्या के तार भेभाराम हत्याकांड से जुड़े हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या में भेभाराम के भाई और शराब ठेकेदार का नाम सामने आ रहा है। ये लोग केसर को मारने के लिए यूपी से हथियार भी लाए थे। केसर के जिस्म में जो गोलियां मिली हैं, वे उन्हीं हथियारों से चली हैं। एसपी डा. गिर्राज मीणा ने बताया कि केसर की हत्या में भेभाराम के भाई ओमप्रकाश और दुगोली के शराब ठेकेदार प्रहलाद बुरड़क पर शक है। रिपोर्ट में भी इन दोनों के नाम हैं। ये दोनों हाल में ही यूपी से 32 बोर के दो पिस्टल, रिवाल्वर और 315 बोर का देसी तमंचा खरीदकर लाए थे। केसर के शरीर पर मिली गोलियां भी इन्हीं हथियारों से निकली हैं।केसर ने कुछ दिन पहले दुगोली में शराब ठेकेदार प्रहलाद बुरड़क की दुकान निरस्त कराकर अपने नाम करा ली थी। प्रहलाद इसको लेकर केसर से रंजिश रखने लगा था। प्रहलाद के साथी और भेभाराम के भाई ओमप्रकाश इस घटना के बाद से एक साथ हो गए। इससे पहले केसर अपनी पत्नी को सरपंच बनाने और भेभाराम की हत्या कर दूसरे पक्ष को दुश्मन बना चुका था। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यही सामने आया है। देर रात तक एसपी ऑफिस में मीटिंग चलती रही। एएसपी के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। इसमें शहर, ग्रामीण सीओ, पांच थानाधिकारी शामिल हैं। देर रात तक दबिश दी जाती रही।
शून्य से नीचे पहुंचा पारा
सीकर। शेखावाटी अंचल में खून जमा देने और हाड़ कंपाने वाली
कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सीकर जिले के फतेहपुर स्थित कृषि अनुसंधान
केन्द्र पर शुक्रवार 7 जनवरी को पारा शून्य से नीचे पहुंच गया। वहां न्यूनतम
तापमान (-) 0.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इससे कस्बे में पाला
पड़ने से फसलों और पेड़-पौधों को नुकसान हुआ है। वहीं झुंझुनूं जिले के
पिलानी में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि
अधिकतम तापमान में वृद्धि होने से पिछले एक सप्ताह से दिन में पड़ रही
कंपकंपाने वाली सर्दी से अंचलवासियों को राहत मिल गई। अंचल के अनेक स्थानों
पर दिन में तेज धूप खिली और पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
हालांकि चूरू और झुंझुनूं जिले में सुबह दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इस कारण पिलानी में अधिकतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा। चूरू में
न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस
रहा। सीकर में सुबह हल्की धुंध रही। सूरज निकलते ही मौसम साफ हो गया और
सुबह आठ बजे धूप ने सर्दी से निजात दिला दी। इसके बाद दिन भर चटक धूप रहने
से शहरवासियों का दिन सुकून भरा रहा। हालांकि सांझ होते ही सर्दी ने फिर से
धूजणी छुटा दी।
राहत के साथ आहत
शेखावाटी अंचल में दिन का मौसम
तेजी से बदलने लगा है। जहां दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है वहीं रात का
तापमान भी तेजी से गिर रहा है। दो दिन पहले तक रात से अधिक दिन में धूजणी
छूट रही थी। बर्फानी हवाओं के कारण सूरज पूरी तरह से बेअसर साबित हो रहा
था। शुक्रवार को शीतलहर नहीं चलने से सूरज की उपस्थिति का अहसास हुआ और तेज
धूप खिली। इस कारण दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
फतेहपुर में अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि सूरज ढलते ही मौसम अचानक बदल जाता है और रात को तेजी से गलन व ठिठुरन बढ़ जाती है। अलसुबह तक पारा जमाव बिन्दू पर पहुंच जाता है।
पाले से बचाव के लिए गोमूत्र व छाछ
शेखावाटी अंचल में इन दिनों पड़ रही भीषण सर्दी ने जहां आमजन को ठिठुरा
दिया है वहीं पौधों और पेड़ों पर कहर बरफा रही है। अनेक स्थानों पर पारा
जमाव बिन्दू पर पहुंच गया। इससे पाला पड़ने की स्थिति बनी हुई है, लेकिन
फसलों को बचाने के लिए किसानों ने जैविक तोड़ निकाला है।
जैविक
खेती करने वाले किसान फसलों को पाले से बचाने के लिए गौमूत्र व छाछ का
प्रयोग कर रहे हैं। किसान ओम प्रकाश कोलिडा के अनुसार देसी गाय की छाछ को
तांबे के बर्तन में सात दिन तक रखने पर उसमें प्राकृतिक रूप से एल्कोहल व
एमीनोएसिड बनता है। इसी तरह गौमूत्र में नाइट्रोजन व सल्फर होता है। इसमें
अश्वगंधा, नीम व कांकण की पत्तियों का मिश्रण मिलाया जाता है। सात दिन बाद
दोनों को पानी में मिलाकर छिड़काव करने पर फसलों में पाला नहीं पड़ता है।
इस मिश्रण के छिड़काव से पत्तियों में ताजापन आता है और अंदर की कोशिकाएं
मजबूत हो जाती है। पत्तियों पर चिकनाई रहने पर बूंदें जमती नहीं है। इस
कारण पत्तियों पर पाले का असर नहीं होता है।
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